भारत में अल्जाइमर के इलाज पर नई रिसर्च: CDSCO ने Donanemab की Phase IV स्टडी को दी मंजूरी
CDSCO ने भारत में अल्जाइमर के मरीजों पर Donanemab की Phase IV स्टडी को अनुमति दी है। जानिए इस अध्ययन, सुरक्षा निगरानी और मरीजों व फार्मा इंडस्ट्री के लिए इसके महत्व के बारे में।

क्या अल्जाइमर के मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकती है Donanemab? भारत में इस दवा को लेकर एक महत्वपूर्ण रिसर्च शुरू होने जा रही है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने Eli Lilly India को भारतीय मरीजों में Donanemab की सुरक्षा और सहनशीलता का अध्ययन करने के लिए Phase IV Clinical Trial की अनुमति दी है।
यह अनुमति 8 सितंबर 2026 को जारी की गई थी। इस अध्ययन में शुरुआती लक्षणों वाले अल्जाइमर मरीजों को शामिल किया जाएगा।
इस खबर की खास बात यह है कि Donanemab भारत में पहले ही मार्केटिंग अप्रूवल प्राप्त कर चुकी है। अब नई स्टडी के माध्यम से भारतीय मरीजों में इसके इस्तेमाल से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा जानकारी जुटाई जाएगी।
आइए समझते हैं कि Donanemab क्या है, यह कैसे काम करती है और इस नई स्टडी का मरीजों तथा फार्मा इंडस्ट्री के लिए क्या महत्व है।
1. CDSCO ने किस बात की अनुमति दी है?
CDSCO ने Eli Lilly and Company (India) Pvt. Ltd. को Form CT-06 के तहत Phase IV Clinical Trial आयोजित करने की अनुमति दी है।
आधिकारिक अनुमति पत्र के अनुसार, स्टडी का उद्देश्य शुरुआती लक्षणों वाले अल्जाइमर मरीजों में Donanemab की सुरक्षा और सहनशीलता का मूल्यांकन करना है।
इस अध्ययन की कुछ प्रमुख जानकारियां:
कंपनी: Eli Lilly and Company (India) Pvt. Ltd.
दवा: Donanemab
अध्ययन: Phase IV Clinical Trial
अनुमति की तारीख: 8 सितंबर 2026
अध्ययन का प्रकार: Multicentre, Open-label, Single-arm
मुख्य उद्देश्य: भारतीय मरीजों में सुरक्षा और सहनशीलता का मूल्यांकन
यहां एक बात समझना जरूरी है कि Clinical Trial की अनुमति और किसी दवा की पहली मार्केटिंग मंजूरी अलग-अलग बातें हैं।
Donanemab को भारत में 18 नवंबर 2025 को CDSCO की मार्केटिंग अनुमति मिल चुकी थी। इसके बाद Eli Lilly ने मई 2026 में इसे भारत में Lormalzi ब्रांड नाम से लॉन्च किया था।
2. आखिर क्या है Donanemab और यह कैसे काम करती है?
<em>Donanemab एक monoclonal antibody है, जिसे अल्जाइमर रोग के शुरुआती चरणों में इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है।</em>
अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसमें धीरे-धीरे व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है।
इस बीमारी में दिमाग में Amyloid-beta नामक प्रोटीन के असामान्य जमाव यानी Amyloid Plaques देखे जाते हैं।
Donanemab का काम इन Amyloid Plaques को हटाने में शरीर की मदद करना है। इसका उद्देश्य बीमारी से जुड़े मानसिक और दैनिक कार्यों में होने वाली गिरावट की गति को धीमा करना है।
इसका मतलब यह नहीं है कि यह दवा अल्जाइमर को पूरी तरह ठीक कर देती है।
महत्वपूर्ण बात: Donanemab कोई सामान्य भूलने की समस्या की दवा नहीं है। इसका इस्तेमाल निर्धारित चिकित्सकीय मानदंडों को पूरा करने वाले शुरुआती अल्जाइमर मरीजों में विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में किया जाता है।
3. नई Phase IV स्टडी में क्या जांच की जाएगी?
यह इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सार्वजनिक Clinical Trial Registry में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस अध्ययन में लगभग 50 मरीजों को शामिल करने का अनुमान दिया गया है। रजिस्ट्री के 15 अक्टूबर 2026 के अपडेट में अध्ययन की स्थिति Not Yet Recruiting बताई गई थी और नवंबर 2026 में शुरुआत की योजना दर्ज थी।
ध्यान रहे, ये अनुमानित जानकारियां हैं। इन्हें मरीजों की भर्ती शुरू होने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
स्टडी में मुख्य रूप से दो सुरक्षा पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा।
A. Amyloid-Related Imaging Abnormalities (ARIA)
Donanemab जैसे Amyloid-targeting उपचारों में ARIA एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंता है।
इसमें दिमाग की MRI जांच में सूजन या छोटे रक्तस्राव जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में इसके लक्षण नहीं होते, जबकि कुछ में सिरदर्द, भ्रम, चक्कर या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
इसीलिए मरीजों की नियमित निगरानी और जरूरत के अनुसार MRI जांच महत्वपूर्ण होती है।
B. Infusion-related Reactions
Donanemab को नस के माध्यम से IV infusion द्वारा दिया जाता है।
कुछ मरीजों में infusion के दौरान या उसके बाद प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए स्टडी में ऐसी प्रतिक्रियाओं की संख्या, गंभीरता और मरीजों की सहनशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके अलावा, शोधकर्ता MMSE स्कोर और P-tau217 जैसे बायोमार्कर में होने वाले बदलावों का भी अध्ययन करेंगे।
रजिस्ट्री के अनुसार, प्रत्येक प्रतिभागी का फॉलो-अप लगभग 84 सप्ताह तक हो सकता है।
4. Phase IV Clinical Trial क्यों महत्वपूर्ण है?
दवाओं के विकास में Clinical Trials अलग-अलग चरणों में किए जाते हैं। शुरुआती चरणों में सुरक्षा और खुराक की जानकारी जुटाई जाती है, जबकि आगे के चरणों में दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा का अधिक व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।
Phase IV Trial किसी दवा को मार्केटिंग मंजूरी मिलने के बाद किया जाता है।
इसका उद्देश्य वास्तविक उपयोग के दौरान दवा की सुरक्षा, सहनशीलता और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को समझना होता है।
Donanemab के मामले में भारतीय मरीजों पर यह अध्ययन इसलिए उपयोगी हो सकता है क्योंकि अलग-अलग देशों में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां, मेडिकल हिस्ट्री और इलाज की व्यवस्थाएं अलग हो सकती हैं।
हालांकि, इस स्टडी का Open-label और Single-arm डिजाइन है। इसका मतलब है कि इसमें अलग Control Group नहीं है। इसलिए इसे नई दवा की प्रभावशीलता साबित करने वाला तुलनात्मक परीक्षण नहीं समझना चाहिए।
5. मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या सावधानियां रखी जाएंगी?
CDSCO ने अपनी अनुमति में Clinical Trial के संचालन के लिए कई शर्तें रखी हैं।
इनमें शामिल हैं:
संबंधित Ethics Committee की मंजूरी।
पहले मरीज को शामिल करने से पहले Clinical Trials Registry of India (CTRI) में रजिस्ट्रेशन।
Good Clinical Practice (GCP) के नियमों का पालन।
मरीजों की सुरक्षा और डेटा की गुणवत्ता की निगरानी।
नियमित प्रगति रिपोर्ट और सुरक्षा संबंधी जानकारी जमा करना।
गंभीर प्रतिकूल घटनाओं (Serious Adverse Events) की निर्धारित समयसीमा में रिपोर्टिंग।
आधिकारिक अनुमति पत्र के अनुसार, गंभीर प्रतिकूल घटनाओं की आवश्यक जांच और विश्लेषण के बाद संबंधित रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर नियामक प्राधिकरण, Ethics Committee और संबंधित संस्थान के प्रमुख को भेजनी होगी।
Clinical Trial में मरीजों की सुरक्षा केवल शुरुआत में अनुमति लेने तक सीमित नहीं होती, बल्कि पूरे अध्ययन के दौरान इसकी निगरानी जरूरी होती है।
6. भारतीय मरीजों के लिए इसका क्या मतलब है?
इस अध्ययन से भारतीय डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को Donanemab की सुरक्षा और सहनशीलता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।
लेकिन मरीजों और उनके परिवारों को इस खबर को समझते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
यह दवा हर भूलने की समस्या वाले व्यक्ति के लिए नहीं है।
उपचार से पहले विशेषज्ञ द्वारा उचित जांच और मूल्यांकन जरूरी है।
दवा से जुड़े संभावित जोखिमों की जानकारी होना आवश्यक है।
उपचार के दौरान चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक MRI जांच महत्वपूर्ण हैं।
इस स्टडी से दवा की कीमत कम होने या सरकारी स्वास्थ्य योजना में उपलब्ध होने की कोई घोषणा नहीं हुई है।
नई रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को यह दवा शुरू कर देनी चाहिए। उपचार का निर्णय विशेषज्ञ डॉक्टर ही मरीज की स्थिति के अनुसार लेते हैं।
7. फार्मा इंडस्ट्री के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह विकास?
भारत में Biologics और Advanced Therapies का क्षेत्र तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है। Donanemab जैसी monoclonal antibody दवाएं इस बदलाव का उदाहरण हैं।
इस तरह के Clinical Trials से Clinical Research Organisations (CROs), अस्पतालों, डायग्नोस्टिक केंद्रों और रिसर्च प्रोफेशनल्स के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
फार्मेसी और लाइफ साइंस के विद्यार्थियों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि आने वाले समय में Clinical Research, Pharmacovigilance, Biologics और Regulatory Affairs जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता का महत्व बढ़ सकता है।
निष्कर्ष: अल्जाइमर रिसर्च में भारत की एक महत्वपूर्ण पहल
CDSCO द्वारा Donanemab की Phase IV स्टडी को अनुमति देना भारत में अल्जाइमर रिसर्च के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
चूंकि इस दवा को भारत में पहले ही मार्केटिंग मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए नई स्टडी का मुख्य उद्देश्य भारतीय मरीजों में इसकी सुरक्षा और सहनशीलता से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाना है।
आने वाले समय में इस अध्ययन की भर्ती, प्रगति और परिणामों पर नजर रखना जरूरी होगा।
अल्जाइमर जैसी जटिल बीमारी में नई दवाओं के साथ-साथ सही निदान, मरीजों की सुरक्षा और लगातार वैज्ञानिक रिसर्च भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Donanemab को भारत में मंजूरी मिल चुकी है?
हां। CDSCO ने नवंबर 2025 में Donanemab को मार्केटिंग अनुमति दी थी। इसे भारत में Lormalzi ब्रांड नाम से लॉन्च किया गया।
2. Donanemab किस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होती है?
यह शुरुआती लक्षणों वाले अल्जाइमर रोग के कुछ पात्र मरीजों के लिए विकसित की गई monoclonal antibody दवा है।
3. क्या Donanemab अल्जाइमर को पूरी तरह ठीक कर सकती है?
नहीं। इसका उद्देश्य बीमारी से जुड़ी मानसिक और दैनिक कार्यक्षमता में गिरावट की गति को धीमा करना है। यह पूर्ण इलाज नहीं है।
4. Phase IV Clinical Trial क्या होता है?
यह दवा को मार्केटिंग मंजूरी मिलने के बाद किया जाने वाला अध्ययन है, जिसका उद्देश्य उसके वास्तविक उपयोग से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा और अन्य जानकारियां जुटाना है।
5. Donanemab के प्रमुख जोखिम क्या हैं?
इससे ARIA और infusion-related reactions जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी और आवश्यक जांच जरूरी है।
स्रोत और अधिक जानकारी
CDSCO – Donanemab Phase IV Clinical Trial Permission Letter (8 September 2026): https://cdsco.gov.in/opencms/resources/UploadCDSCOWeb/2018/UploadCTApprovals/16_Donanemab_Eli%20Lilly%20And%20Company%20(India)%20Pvt%20Ltd.pdf
CDSCO – Clinical Trial Approvals: https://cdsco.gov.in/opencms/opencms/en/Approval_new/CT-Approvals
ClinicalTrials.gov – Donanemab Indian Phase IV Study (NCT07838155): https://clinicaltrials.gov/study/NCT07838155
Eli Lilly – Donanemab receives CDSCO marketing authorisation: https://www.lilly.com/in/news/press-releases/lilly-s-donanemab-receives-cdsco-approval-for-the-treatment-of-early-symptomatic-alzheimer-s-disease
Eli Lilly – Lormalzi launch in India: https://www.lilly.com/in/news/press-releases/lilly-launches-lormalzi-donanemab-first-and-only-once-monthly-amyloid-plaque-targeting-therapy-for-the-treatment-of-early-symptomatic-alzheimer-s-disease-in-india
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। यह किसी डॉक्टर की सलाह या व्यक्तिगत उपचार का विकल्प नहीं है। दवा के उपयोग से संबंधित निर्णय योग्य विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श के बाद ही लें।







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